मिले हैं पाताल भू,अब कोई तो आगे आ जाओ;
घमासान छिड़ा है आज,इस द्वन्द को कोई मिटा जाओ;
लहू के नीर में कोई,प्रेम दीप जला जाओ;
लड़ रहे है खंड दो,विनाश नाश हो रहा;
हक़ मांगते मर गए,कोई न्याय भी दिला जाओ;
संग्राम-हाहाकार ,त्राहि चारों ओर हो रहा;
कोई इस कलेश को आकर मिटा जाओ|
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राधे राधे
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CLOUDS ARE WONDERING AND I AM WONDERING. LIGHT IS LIGHTING AND I AM WRITING. I AM EAGERLY WAITING BUT NO RAIN IS HAPPENING. CROWS ARE WO...
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