मिले हैं पाताल भू,अब कोई तो आगे आ जाओ;
घमासान छिड़ा है आज,इस द्वन्द को कोई मिटा जाओ;
लहू के नीर में कोई,प्रेम दीप जला जाओ;
लड़ रहे है खंड दो,विनाश नाश हो रहा;
हक़ मांगते मर गए,कोई न्याय भी दिला जाओ;
संग्राम-हाहाकार ,त्राहि चारों ओर हो रहा;
कोई इस कलेश को आकर मिटा जाओ|
निराला
Popular Posts
-
मिले हैं पाताल भू,अब कोई तो आगे आ जाओ; घमासान छिड़ा है आज,इस द्वन्द को कोई मिटा जाओ; लहू के नीर में कोई,प्रेम दीप जला जाओ; लड़ रहे है खंड...
-
राधे राधे
-
CLOUDS ARE WONDERING AND I AM WONDERING. LIGHT IS LIGHTING AND I AM WRITING. I AM EAGERLY WAITING BUT NO RAIN IS HAPPENING. CROWS ARE WO...
-
संघर्ष ही जीवन का नाम है, चाहे आंधी या तूफ़ान है; रुको नहीं,थमो नहीं,झुको नहीं; डटे रहो ,अड़े रहो,खड़े रहो; बढ़े चलो,बढ़े चलो,बढ़े चलो.....
-
कब ये सुबह होगी,कब ये सुबह होगी; मंजिल सामने है,न जाने कब सुबह होगी; रात बीत गयी,शाम ये ढल गई; फिर भी न जाने कब ये सुबह होगी; खाए जा र...
Monday, January 17, 2011
Sunday, December 12, 2010
wondering-the most confusing
CLOUDS ARE WONDERING AND I AM WONDERING.
LIGHT IS LIGHTING AND I AM WRITING.
I AM EAGERLY WAITING BUT NO RAIN IS HAPPENING.
CROWS ARE WONDERING AND I AM ALSO WONDERING.
SUN IS SHINING,IMPLYING NO CHANCE OF RAIN.
BREEZE IS BLOWING WITH A FEW CHANCE OF RAIN.
BUT I AM STILL WAITING FOR RAIN'S HAPPENING.
CHILDREN'S ARE WONDERING AND I AM ALSO WONDERING.
SUDDENLY CLOUDS THUNDERED AND IT STARTS RAINING.
CHILDRENS JUMP UP AND STARTS SAYING.
HURRAY!HURRAY!IT STARTS RAINING.
BECAUSE IN THE SKY CLOUDS ARE WONDERING SO, I AM ALSO WONDERING...............
LIGHT IS LIGHTING AND I AM WRITING.
I AM EAGERLY WAITING BUT NO RAIN IS HAPPENING.
CROWS ARE WONDERING AND I AM ALSO WONDERING.
SUN IS SHINING,IMPLYING NO CHANCE OF RAIN.
BREEZE IS BLOWING WITH A FEW CHANCE OF RAIN.
BUT I AM STILL WAITING FOR RAIN'S HAPPENING.
CHILDREN'S ARE WONDERING AND I AM ALSO WONDERING.
SUDDENLY CLOUDS THUNDERED AND IT STARTS RAINING.
CHILDRENS JUMP UP AND STARTS SAYING.
HURRAY!HURRAY!IT STARTS RAINING.
BECAUSE IN THE SKY CLOUDS ARE WONDERING SO, I AM ALSO WONDERING...............
Friday, December 3, 2010
जाने कब
कब ये सुबह होगी,कब ये सुबह होगी;
मंजिल सामने है,न जाने कब सुबह होगी;
रात बीत गयी,शाम ये ढल गई;
फिर भी न जाने कब ये सुबह होगी;
खाए जा रहा है ये तिम;
दिखाई दे रहा न प्रतिबिंब;
न जाने,जाने कब ये सुबह होगी;
उठ चुके है लोग,जा चुके है लोग;
न जाने कब मेरे जीवन की सुबह होगी;
सुबह भी होगी तो न जाने कैसी होगी;
अच्छी होगी या बुरी होगी;
जाने न कब ये सुबह होगी;
नई सुबह होगी ...............................
मंजिल सामने है,न जाने कब सुबह होगी;
रात बीत गयी,शाम ये ढल गई;
फिर भी न जाने कब ये सुबह होगी;
खाए जा रहा है ये तिम;
दिखाई दे रहा न प्रतिबिंब;
न जाने,जाने कब ये सुबह होगी;
उठ चुके है लोग,जा चुके है लोग;
न जाने कब मेरे जीवन की सुबह होगी;
सुबह भी होगी तो न जाने कैसी होगी;
अच्छी होगी या बुरी होगी;
जाने न कब ये सुबह होगी;
नई सुबह होगी ...............................
Tuesday, November 30, 2010
संघर्ष
संघर्ष ही जीवन का नाम है,
चाहे आंधी या तूफ़ान है;
रुको नहीं,थमो नहीं,झुको नहीं;
डटे रहो ,अड़े रहो,खड़े रहो;
बढ़े चलो,बढ़े चलो,बढ़े चलो.........
मंजिल भले हो कठिन;
मुड़ो नहीं,फिरो नहीं,बदलो नहीं;
अडिग रहो,दृढ रहो,चले चलो;
बढ़े चलो,बढ़े चलो,बढ़े चलो........
राह में हो पत्थर बहुत;
न गिरो न पड़ो;
सीधी राह चलो,चलते रहो
बढ़े चलो,बढ़े चलो,बढ़े चलो.........
पथ भले हो कठिन;
न रुको,न डरो,न हिलो;
सामना करो,आगे बढ़ो;
चलना तुम्हारा काम है;
संघर्ष ही जीवन का नाम है!
चाहे आंधी या तूफ़ान है;
रुको नहीं,थमो नहीं,झुको नहीं;
डटे रहो ,अड़े रहो,खड़े रहो;
बढ़े चलो,बढ़े चलो,बढ़े चलो.........
मंजिल भले हो कठिन;
मुड़ो नहीं,फिरो नहीं,बदलो नहीं;
अडिग रहो,दृढ रहो,चले चलो;
बढ़े चलो,बढ़े चलो,बढ़े चलो........
राह में हो पत्थर बहुत;
न गिरो न पड़ो;
सीधी राह चलो,चलते रहो
बढ़े चलो,बढ़े चलो,बढ़े चलो.........
पथ भले हो कठिन;
न रुको,न डरो,न हिलो;
सामना करो,आगे बढ़ो;
चलना तुम्हारा काम है;
संघर्ष ही जीवन का नाम है!
Subscribe to:
Posts (Atom)